Wireless Application Protocol in Hindi| WAP क्या है?

हम सब लोग प्रतिदिन इंटरनेट का उपयोग करते हैं और घंटों इंटरनेट पर ब्राउज़िंग करते है, क्या आप जानते है कि हमे इंटरनेट कनेक्टिविटी कैसे मिलती है। चलिए इसी को लेकर कुछ बात करते हैं। आज के इस आर्टिकल में हम आपको Wireless Application Protocol(WAP) in Hindi के बारे में बताने वाले हैं।

यदि आप वायरलेस एप्लीकेशन प्रोटोकोल के बारे में नहीं जानते हैं तो इस आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़ें इस आर्टिकल में आपको वॉयरलैस एप्लीकेशन प्रोटोकोल से संबंधित संपूर्ण जानकारी हिंदी भाषा में मिल जाएगी।

Wireless Application Protocol in Hindi

Wireless Application Protocol कम्युनिकेशन प्रोटोकोल का एक ग्रुप होता है जिसका उपयोग किसी भी इंफॉर्मेशन को मोबाइल के वायरलेस नेटवर्क का एक्सेस करने के लिए किया जाता है।
यदि हम इसे आसान भाषा में समझे तो Wireless Application Protocol (WAP) एक एप्लीकेशन प्रोटोकोल है जो हमें मोबाइल फोन तथा कंप्यूटर के द्वारा कम्युनिकेशन तथा इंटरनेट कनेक्टिविटी प्रदान करता है।

WAP मोबाइल तथा इंटरनेट के बीच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होती है जिसकी मदद से हम मोबाइल में इंटरनेट कनेक्ट कर सकते हैं। यह रेडियो तरंगों पर कार्य करता है इसलिए हम आसानी से इंटरनेट कनेक्ट कर सकते हैं। WAP एक ऐसा प्रोटोकोल है जो हर प्रकार के ऑपरेटिंग सिस्टम को सपोर्ट करता है।

WAP के बिना हम अपने स्मार्टफोन में किसी भी तरह की इंटरनेट सर्विस जैसे गेमिंग वीडियो देखना, गाने सुनना इत्यादि नहीं कर सकते हैं। WAP के बिना मोबाइल फोन एक साधारण मोबाइल बन जाता है जिसमें आपको किसी भी तरह के इंटरनेट की कनेक्टिविटी नहीं मिलती है।

Wireless application protocol की खोज

वायरलेस एप्लीकेशन प्रोटोकोल की खोज सर्वप्रथम सन 1998 में की गई थी जिसके बाद सबसे पहले इसको Nokia, Motorola, Ericson के फोन में उपयोग किया गया था। इस WAP का उद्देश्य मोबाइल को इंटरनेट कनेक्टिविटी से जोड़ना था तथा इसको 2002 के दौरान एक बड़े लेवल पर अस्तित्व में लाया गया।

Architecture of WAP in Hindi

वायरलेस एप्लीकेशन प्रोटोकोल को 5 भागों में बांटा गया है जो कि आप निम्नलिखित देख सकते हैं WAP का हर भाग इंटरनेट कनेक्टिविटी में अहम भूमिका निभाता है –

1 :-Application layer(WAE)
WAP की इस लेयर में www (वर्ल्ड वाइड वेब) तथा WAE वायरलेस एप्लीकेशन Environment पर आधारित यह प्रोटोकॉल एक एप्लीकेशन एनवायरमेंट उपलब्ध करवाता है। इस एप्लीकेशन एनवायरमेंट को उपलब्ध कराने का मुख्य उद्देश्य ऑपरेटर तथा सर्विस प्रोवाइडर एप्लीकेशन के बीच एक कनेक्शन स्थापित किया जा सके जिसके द्वारा कई प्रकार के बाहर ले सेवाओं के उपयोग को शुरू किया जा सके।

2 :- Transaction layer(WTP)
WTP वायरलेस ट्रांजैक्शन प्रोटोकोल यूजर के डाटा के ट्रांसफर तथा ट्रांजैक्शन को मैनेज करता है, इस ट्रांजैक्शन लेयर का मुख्य उद्देश्य यूज़र तथा इंटरनेट के बीच एक अच्छी कनेक्टिविटी को बनाए रखना होता है। WTP लेयर डाटा ग्राम सर्विस में सर्वप्रथम कार्य करती है। यह layer IP/TCP का एक प्रमुख हिस्सा है।

3 :-Session layer(WSP)
WSP वायरलेस सेशन प्रोटोकोल एक हाई लेवल सेशन को मैनेज करता है इस सेशन लेयर को wap forum के द्वारा बनाया गया है। यूजर द्वारा टाइप किए गए यूआरएल को सर्च करके ब्राउज़ करने से लेकर जब तक यूज़र इंटरनेट तथा चल रहे session से डिस्कनेक्ट नहीं हो जाता है यह सेशन लेयर लगातार कार्य करती रहती है।

4 :-Security layer(WTLS)
WTLS वायरलेस ट्रांसपोर्ट लेयर Security डेटा की बैलिडिटी तथा डेटा की सुरक्षा को मैनेज करती है। यह लेयर इनपुट से लेकर आउटपुट तक तथा डेटा के sander से receiver तक डेटा को पूरी तरह से सुरक्षित रखने का कार्य करती है।

5 :-Transport layer(WDP)
WDP वायरलेस डाटाग्राम प्रोटोकॉल किसी अन्य लेयर के लिये विना कीड़ी समस्या के ट्रांसपोर्ट लेयर के द्वारा कम्युनिकेशन के लिये एक प्लेटफार्म बनाता है जिससे कि कोई लेयर अन्य किसी लेयर के साथ आसानी से कम्युनिकेट किया जा सके।

Applications of WAP
WAP का उपयोग करने के लिए हम कई प्रकार के Applications का प्रयोग करते हैं जो कि आप निम्नलिखित देख सकते हैं-

  1. WAP का उपयोग करने के लिये हमें सबसे पहले ब्रॉउसर का प्रयोग किया जाता है। जिसके लिये आप गूगल क्रोम, मोजिला फायरफॉक्स, इंटरनेट एक्सप्लोरर, सफारी ब्रॉउसर का प्रयोग कर सकते हैं।
  2. सोशल मीडिया ऐप्प जैसे फ़ेसबुक, whatsapp, messenger का प्रयोग इंटरनेट से चैट करने के लिए किया जाता है।
  3. Wireless Application Protocol की मदद से हम आज के समय में मोबाईल पर ऑनलाइन गेम्स खेल सकते हैं।
  4. इसकी मदद से हम ऑनलाइन शॉपिंग ऐप्प जैसे Amazon तथा Flipkart का उपयोग भी करते हैं।

निष्कर्ष

दोस्तों इस आर्टिकल में हमने आपको Wireless Application Protocol(WAP) in Hindi के बारे में बताया है यदि आपको यह जानकारी पसंद आई हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे और इसी तरह की महत्वपूर्ण जानकारी के लिए हमे फॉलो जरूर करे।

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FAQ

वायरलेस एप्लीकेशन प्रोटोकॉल क्यों महत्वपूर्ण है?

WAP या वायरलेस एप्लिकेशन प्रोटोकॉल हमारे फोन के लिये इसलिए जरूरी होता है ताकि इंटरनेट कनेक्टिविटी को स्मार्टफोन तक पहुचाया जा सके। यह वायरलेस तरीके से फोन को नेटवर्क से कनेक्ट रखती है।

प्रोटोकॉल कितने प्रकार के होते हैं?

प्रोटोकॉल को 5 भागों में विभाजित किया गया है जो कि आप निम्नलिखित देख सकते हैं –
इंटरनेट प्रोटोकॉल (Internet Protocol)
सिंपल मेल ट्रान्सफर प्रोटोकॉल (Simple Mail Transfer Protocol)
ट्रान्सफर कण्ट्रोल प्रोटोकॉल (Transfer Control Protocol)
यूजर डाटा प्रोटोकॉल (User Data Protocol)
फाइल ट्रान्सफर प्रोटोकॉल (File Transfer Protocol)

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