Functions of Operating System in Hindi | ऑपरेटिंग सिस्टम के कार्य

दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हम (ऑपरेटिंग सिस्टम के कार्य) Functions of Operating system in hindi के बारे में पढ़ने वाले हैं इसको हम बहुत ही आसान भाषा में समझने की कोशिश करेंगे और यदि आप इस आर्टिकल को अंत तक पूरा पढ़ते हैं तो आप को ऑपरेटिंग सिस्टम के कार्यों के बारे में संपूर्ण जानकारी मिल जाएगी।

दोस्तों आज के समय में कंप्यूटर हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है जिसके बारे में हमें जानकारी होनी चाहिए इसलिए आज के इस आर्टिकल में हम कंप्यूटर के सबसे महत्वपूर्ण भाग ऑपरेटिंग सिस्टम के कार्यों के बारे में पढ़ने वाले हैं।

Operating system in hindi ( ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है?)

Operating system यूज़र और कंप्यूटर के बीच एक ऐसा माध्यम है जो कंप्यूटर और यूजर दोनों को आपस में जोड़ने में मदद करता है। जो भी प्रोग्राम या एप्लीकेशन हम कंप्यूटर में चलाना चाहते हैं ऑपरेटिंग सिस्टम हमें उस एप्लीकेशन को चलाने के लिए एक प्लेटफार्म देता है।

Functions of Operating System in Hindi
Functions of Operating System in Hindi

कंप्यूटर को चालू होने से लेकर बंद होने तक जो भी कार्य या प्रोग्राम हम कंप्यूटर में चलाते हैं वह ऑपरेटिंग सिस्टम की मदद से ही संभव है। यदि कंप्यूटर में ऑपरेटिंग सिस्टम ना हो तो कंप्यूटर में एक डिब्बा बनकर रह जाएगा उसके एक भी हार्डवेयर का कोई कार्य नहीं रहेगा और ऑपरेटिंग सिस्टम के बिना कंप्यूटर को चलाना या फिर उस पर कोई फाइल ऑन करना नामुमकिन है। साधारण भाषा में कहें तो ऑपरेटर सिस्टम हमें एक ऐसा प्लेटफार्म देता है जिस पर हम किसी भी प्रोग्राम को चलाते हैं।

Functions of Operating System in Hindi – ऑपरेटिंग सिस्टम के कार्य

यदि हम बात करते हैं कंप्यूटर के ऑपरेटिंग सिस्टम के कार्य के बारे में तो ऑपरेटिंग सिस्टम के कई कार्य होते हैं जो कि आपको निम्नलिखित दिए गए हैं –

Memory Management (मैमोरी मैनेजमेंट)

कंप्यूटर में सिस्टम को अपडेट करने के लिए दो प्रकार की मेमोरी का उपयोग किया जाता है जिनको हम प्राइमरी मेमोरी और सेकेंडरी मेमोरी के नाम से जानते हैं। कंप्यूटर की ऑपरेटिंग सिस्टम को भी इसी प्राइमरी मेमोरी में रखा जाता है क्योंकि इस मेमोरी को सीधे CPU से एक्सेस कर सकते हैं।

ऑपरेटिंग सिस्टम मेमोरी को एलोकेट और डीएलोकेट करता है। यह सभी प्रोग्राम को मेमोरी कार्य के हिसाब से वितरित करता है। ऑपरेटिंग सिस्टम मेमोरी मैनेजमेंट की पूरी जानकारी रखता है तथा यह चेक करता है कि किस प्रोग्राम में कितनी मेमोरी का यूज किया जा रहा है।

Security management (सुरक्षा)

Operating System किसी भी यूजर के पूरे डेटा को सुरक्षित रखता है। इस सिस्टम के द्वारा यूजर के डाटा को फायरबॉल का इस्तेमाल करके सुरक्षित रखा जाता है यदि आपको नहीं पता कि फायरबॉल क्या होता है तो आपको बता दें कि फायरवॉल एक सिक्योरिटी सॉफ्टवेयर होता है जोकि बाहर से होने वाले अटैक को सिस्टम तक नहीं आने देता है।

जिससे यूजर का पूरा डाटा सुरक्षित रहता है यह एक सुरक्षा दीवार की तरह कार्य करता है। ऑपरेटिंग सिस्टम में यूजर के डाटा को सुरक्षित रखने के लिए पासवर्ड डालने का ऑप्शन भी मिलता है जिससे यदि आप पासवर्ड का उपयोग करते हैं तो आपका डेटा बिल्कुल सुरक्षित हो जाएगा और कोई अन्य व्यक्ति उसको एक्सेस नहीं कर पाएगा।

File Management (फ़ाइल मैनेजमेंट)

किसी भी कंप्यूटर में रखी गई फाइल्स में कुछ बदलाव या फिर एडिटिंग करने का कार्य ऑपरेटिंग सिस्टम द्वारा किया जाता है इस सिस्टम के द्वारा आप किसी एक फाइल को एक सोर्स से दूसरे सोर्स तक भेज भी सकते हैं।

OS कंप्यूटर में उपस्थित सभी फाइल की पूरी जानकारी रखता है। यह सिस्टम रेसोर्ट्स को एलोकेट और डीएलोकेट कर सकता है। ऑपरेटिंग सिस्टम प्रत्येक फाइल को एक अलग ब्लॉक में रहता है जिससे किसी भी यूजर को फाइल सर्च करने में कोई प्रॉब्लम ना आए।

Device Management (डिवाइस मैनेजमेंट)

ऑपरेटिंग सिस्टम डिवाइस ड्राइवर की मदद से डिवाइस को मैनेज करता है जिसमें यह सभी प्रकार के डिवाइस की जानकारी रखता है जैसे कि यह किस डिवाइस में इंस्टॉल किया गया है। ऑपरेटिंग सिस्टम डिवाइस के हार्डवेयर के हिसाब से उसमें सॉफ्टवेयर प्रोसेस करता है।

Process Management (प्रोसेस मैनेजमेंट)

किसी भी ऑपरेटिंग सिस्टम में किसी कमांड को प्रोसेस करना उसका सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। किसी कमांड के द्वारा ऑपरेटिंग सिस्टम को दिए गए निर्देश प्रोग्राम द्वारा कितने समय में उस प्रोसेस को पूरा करते हैं यह सभी ऑपरेटिंग सिस्टम मैनेज करता है जब कोई प्रोग्राम एग्जीक्यूट हो रहा होता है तो उस प्रोसेस को प्रोसेस मैनेजमेंट कहा जाता है यह पूरा कार्य ऑपरेटिंग सिस्टम करता है पुरी प्रोसेस होने के बाद ऑपरेटिंग सिस्टम रिसोर्स को एलोकेट करता है।

Error detecting (त्रुटि का पता लगाना)

कई बार ऐसा होता है कि हम सिस्टम को कोई कमांड देते हैं और वह किसी त्रुटि या bug के कारण पूरा नहीं हो पाता है और सिस्टम हमें एक निर्देश देता है। यह पूरा प्रोसेस ऑपरेटिंग सिस्टम द्वारा किया जाता है। OS Error detecting के द्वारा bug और त्रुटि का पता लगाता है और यूजर को उस त्रुटि के बारे में बताता है।

Input/output Management (इनपुट/आउटपुट मैनेजमेंट)

इनपुट/आउटपुट मैनेजमेंट किसी भी ऑपरेटिंग सिस्टम की सबसे महत्वपूर्ण प्रोसेस में से एक होती है। इसके द्वारा OS यूज़र द्वारा इनपुट के रूप में इंफॉर्मेशन लेता है तथा उस इंफॉर्मेशन को अपने सिस्टम में प्रोसेस करता है और आउटपुट के द्वारा यूजर को मॉनिटर तथा प्रिंटर पर शो करता है।

पूरी जानकारी को प्रोसेस करने के लिए डाटा और निर्देश ऑपरेटिंग सिस्टम के द्वारा ही दिए जाते हैं इस तरह से ऑपरेटिंग सिस्टम इनपुट-आउटपुट मैनेजमेंट करता है और यूजर्स तक सही जानकारी भेजता है।

Information and Resource Protection (सूचना और रिसोर्स सुरक्षा)

किसी भी OS का सबसे महत्वपूर्ण कार्य यूजर के डाटा और प्रोग्राम को सुरक्षित रखना होता है ताकि किसी भी एक यूजर का डाटा दूसरे यूज़र तक ना पहुचे और डाटा चोरी जैसी प्रॉब्लम का सामना ना करना पड़े। आजकल उपयोग किए जाने वाले सभी ऑपरेटिंग सिस्टम मल्टी यूजर होते हैं।

जिसमें आप कई सारे यूजर बनाकर कंप्यूटर का इस्तेमाल कर सकते हैं जिससे एक यूजर का डाटा दूसरे यूजर तक नहीं पहुंचेगा और प्रत्येक यूजर का डाटा सिर्फ उसी के पास और सुरक्षित रहेगा।

Control over system performance (सिस्टम प्रदर्शन पर नियंत्रण)

ऑपरेटिंग सिस्टम कंप्यूटर के सभी पार्ट्स और सॉफ्टवेयर की जांच करता है जिसकी मदद से कंप्यूटर की परफॉर्मेंस और कार्य करने की क्षमता का पता लगाया जा सकता है। OS कंप्यूटर की परफॉर्मेंस को मेंटेन करता है ताकि यूजर को बेस्ट परफॉर्मेंस और अच्छे रिजल्ट दे सके।

Program execution

कंप्यूटर को आप कोई भी कमांड दे सकते हैं कंप्यूटर आपके द्वारा किए गए सभी कमांड को प्रोग्राम के द्वारा एग्जीक्यूट करता है और उसके बेस्ट रिजल्ट आपको देता है। ऑपरेटिंग सिस्टम का एक कार्य Program execution भी है।

Monitoring Activities (गतिविधियों पर निगरानी)

ऑपरेटिंग सिस्टम कंप्यूटर में चल रही सभी प्रकार की एक्टिविटी को मॉनिटर करता है और आपके द्वारा की गई प्रत्येक गतिविधि पर नजर रखता है। इसके अलावा ऑपरेटिंग सिस्टम कंप्यूटर में आने वाले बाहरी वायरस, अटैक और रिसोर्ट पर निगरानी करता है तथा कोई भी प्रॉब्लम आने से पहले यूजर को warning के द्वारा सूचित करता है और आपके कंप्यूटर सिस्टम फॉर हैकिंग से बजाने में मदद करता है।

निष्कर्ष

दोस्तों इस आर्टिकल में हमने आपको Functions of Operating system in hindi ( ऑपरेटिंग सिस्टम और उसके कार्य ) के बारे में बताया है। इसके अलावा हमने आपको ऑपरेटिंग सिस्टम किस तरह से अपने कार्य को करता है।

इसके बारे में भी बताया है। यदि ऑपरेटिंग सिस्टम और उसके कार्य से संबंधित यह जानकारी आपको पसंद आई हो तो उसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें और नोटिफिकेशन वेल को जरूर सब्सक्राइब करें ताकि आप इसी तरह की लेटेस्ट जानकारी प्राप्त कर सके।

ये भी पढ़े –

FAQ

1. ऑपरेटिंग सिस्टम की पांच विशेषताएं क्या हैं?

ऑपरेटिंग सिस्टम की पांच विशेषताएं निम्नलिखित हैं –
1. मेमोरी प्रबंधन
2. मल्टी प्रोग्रामिंग
3. मल्टी प्रोसेसिंग
4. मल्टी टास्किंग
5. रियल टाइम प्रोसेसिंग

2. ऑपरेटिंग सिस्टम के फंक्शन क्या क्या है?

1. Memory Management (मैमोरी मैनेजमेंट)
2. Security management (सुरक्षा)
3. File Management (फ़ाइल मैनेजमेंट)
4. Process Management (प्रोसेस मैनेजमेंट)
5. Device Management (डिवाइस मैनेजमेंट)
6. Input/output Management (इनपुट/आउटपुट मैनेजमेंट)
7. Error detecting (त्रुटि का पता लगाना)
8. Control over system performance (सिस्टम प्रदर्शन पर नियंत्रण)
9. Monitoring Activities (गतिविधियों पर निगरानी)
10. Information and Resource Protection (सूचना और रिसोर्स सुरक्षा)

3. ऑपरेटिंग सिस्टम कौन सा सॉफ्टवेयर है?

ऑपरेटिंग सिस्टम एक सिस्टम सॉफ्टवेयर है जो कि सिस्टम में होने वाली हर एक गतिविधि में शामिल रहता है तथा सिस्टम को दिए गए कमांड ऑपरेटिंग सिस्टम के द्वारा ही संपन्न किए जाते हैं।

Sharing Is Caring:

Leave a comment