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iSIM टेक्नोलॉजी क्या है? इसके आने से क्या होंगे बड़े बदलाव और फायदे

दोस्तों इस आर्टिकल में आपका स्वागत है आज हम इस आर्टिकल में iSIM Technology क्या है और इस टेक्नोलॉजी के आने से सिम कार्ड मार्केट में क्या बदलाव हो सकते है और इसके आने से भविष्य में क्या फायदे हो सकते हैं इस सब पर चर्चा करने वाले हैं तो iSIM से सम्बंधित पूरी जानकारी के लिए इस पोस्ट को पूरा जरूर पढ़ें।

आज के समय में लगभग सभी लोग स्मार्टफोन का उपयोग करने लगे है जिसके लिए सिम कार्ड की भी आवश्यकता होती है और सभी लोग फिजिकल सिम कार्ड का उपयोग करते हैं परन्तु इस टेक्नोलॉजी के दौर में अब नई तकनीक आने वाली है जो कि iSIM का उपयोग काफी अधिक बड़ा देगी और इससे ग्लोबल मार्केट में भी काफी बदलाव देखने को मिल सकता है।

iSIM टेक्नोलॉजी क्या है?

ISIM टेक्नोलॉजी क्या है
ISIM टेक्नोलॉजी क्या है
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दोस्तों अगर हम बात करे iSIM तकनीक की तो यह खास तरह की नई तकनीक होगी जो कि SIM Card की क्षमता को Divice के साथ मे मिलकर काम करती है, दोस्तों iSIM का सपोर्ट Smartphone में भी दिया जायेगा। यदि ठीक से समझा जाये तो यह टेक्नोलॉजी ESIM की तरह ही काम करेगी।

क्वालकॉम की माने तो इस तकनीक के आने से smartphones की नेटवर्क क्षमता में काफ़ी अच्छी हो जाएगी जिससे सीधा फायदा यूज़र्स को मिल सकेगा। इस टेक्नोलॉजी के आने से फिजिकल सिम कार्ड मैनुफैक्चरिंग में काफी कमी देखने को मिलेगी और स्मार्टफोन में भी सिम कार्ड स्लॉट आना धीरे धीरे बंद हो जायेगे परन्तु अभी के समय को देखे तो फिजिकल सिम को अधिक महत्व दिया जाता है।

iSIM टेक्नोलॉजी से होने वाले फायदे

दोस्तों यदि हम बात करे iSIM तकनीक के आने क्या क्या फायदे हो सकते हैं तो सबसे पहली बात तो iSIM टेक्नोलॉजी के आने से SIM CARD काफी Advance हो जायेगे, इस टेक्नोलॉजी के आने से काफी सारे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों जैसे लैपटॉप, स्मार्टफोन, स्टॉपवॉच, वर्चुअल रियलिटी प्लेटफार्म को बड़ी ही आसानी से आपस मे कनेक्ट किया जा सकेगा। क्वालकॉम की माने तो इस टेक्नोलॉजी के आने से कई सारे फायदे हो सकते है जो कि निम्नलिखित हैं-

1. स्मार्टफोन से SIM Card के स्लॉट को हटाया जा सकता है जिसकी वजह से स्मार्टफोन के डिजाइन में बदलाव करके उसको और भी बेहतर बनाया जा सकेगा।

2. इसके साथ ही फोन की परफॉर्मेंस को भी और बेहतर किया जा सकेगा।

3. इस टेक्नोलॉजी के आटे ही SIM Card से होने वाले काम SIM Card के बिना फ़ोन से ही होने लगेंगे।

4. इसके अलावा यूज़र्स को अच्छी कनेक्टिविटी के साथ अच्छी सिग्नल स्ट्रेंथ भी मिलेगी।

5. iSIM तकनीक के आने से सिम कार्ड बनाने वाली प्लास्टिक की खपत में काफी कमी देखने को मिलेगी।

कब तक आएगी iSIM टेक्नोलॉजी ?

iSIM टेक्नोलॉजी के आते ही टेलिकॉम सेक्टर से लेकर स्मार्टफोन बाजार तक काफी कुछ बदल जायेगा। इस तकनीक को लाने के लिए प्रोसेसर निर्माता कंपनी Qualcomm ने वोडाफोन और थेल्स के साथ समझौता किया है। जो कि आई सिम टेक्नोलॉजी को विकसित करने का काम करेंगे। दोस्तों यह तकनीक अभी लांच नही हुई है और इसको अभी लांच होने में कई साल लग जायेंगे।

Qualcomm और वोडाफोन ने इस तकनीक की कुछ झलक दिखाने के लिए इसका experiment यूरोप में वोडाफोन के नेटवर्क पर किया था। इसमे Samsung Galaxy Z Flip 3 5G स्मार्टफोन का उपयोग किया गया थाजो कि Snapdragon 888 प्रोसेसर पर काम करता है और इसमे Thales iSIM ऑपरेटिंग सिस्टम का उपयोग किया गया था। बात करे iSIM मार्केट में कब तक आ सकती है तो इसमे अभी काफी समय लग सकता है।

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